नई दिल्ली/कोलकाता। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास को गति देने के लिए करीब 39 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह फैसला राज्य के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के हालिया दिल्ली दौरे के बाद लिया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
सूत्रों के अनुसार, मंजूर की गई राशि का उपयोग सड़क, रेल, शहरी विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं में किया जाएगा। केंद्र सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र बंगाल में विकास परियोजनाओं के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है।
जानकारी के मुताबिक, कई परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थीं, जिन्हें अब तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी और परियोजनाओं की निगरानी केंद्र और राज्य स्तर पर की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा में हुआ तो राज्य के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और सिंचाई परियोजनाओं का सीधा लाभ किसानों और स्थानीय लोगों को मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावों से पहले केंद्र की यह पहल बंगाल की राजनीति में नया संदेश दे सकती है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।





