नासिक। महाराष्ट्र के चर्चित टीसीएस उत्पीड़न मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 1500 पन्नों की इस चार्जशीट को नासिक रोड सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें कई आरोपितों के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप शामिल हैं। SIT ने चार्जशीट में डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट, ईमेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान को अहम सबूत के रूप में शामिल किया है। अब तक 17 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपितों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने और कार्यस्थल पर डर का माहौल बनाने के आरोप हैं। चार्जशीट में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और दुष्कर्म से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ शिकायतों को कंपनी स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, SIT ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि टीसीएस कंपनी की प्रत्यक्ष संलिप्तता के प्रमाण फिलहाल नहीं मिले हैं।
मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी जांच की थी। आयोग ने कार्यस्थल पर कथित तौर पर “सिस्टमेटिक बुलिंग” और POSH कानून के पालन में गंभीर खामियों की बात कही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। मामले ने कॉर्पोरेट कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





