नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
रविवार को सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। इमारत में पीजी संचालित हो रहा था और यहां बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया।
हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा और निर्माण गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि निर्माण और भवन सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
MCD की कार्रवाई को हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध निर्माणों के खिलाफ भी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, दिल्ली पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मालिक को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। मामले में गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की जान को खतरे में डालने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में छात्र आवासों और पीजी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन के सामने ऐसी इमारतों की जांच और नियमों के प्रभावी पालन की चुनौती है।





