रियाद। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।
अजीत डोभाल ने रियाद में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाएद बिन मोहम्मद अल-अइबान समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठकों में भारत-सऊदी संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों के अनुसार, बातचीत का प्रमुख केंद्र पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता रहा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है, ऐसे में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और तेल आपूर्ति की निरंतरता अहम मुद्दे बने हुए हैं।
बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और सऊदी अरब के बीच कूटनीतिक समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग और आपसी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत और सऊदी अरब के रिश्ते हाल के वर्षों में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा क्षेत्रों में तेजी से मजबूत हुए हैं। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, डोभाल की बैठकों का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में भारत के रणनीतिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ऊर्जा आपूर्ति, भारतीय समुदाय की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति जैसे मुद्दे भारत की विदेश नीति में अहम स्थान रखते हैं।
यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ते विश्वास और उच्च स्तरीय रणनीतिक संवाद का संकेत मानी जा रही है। दोनों देश आने वाले समय में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।





