देहरादून। कांवड़ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कारणों को देखते हुए उत्तराखंड सूचना आयोग ने सुनवाई प्रक्रिया में बदलाव किया है। आयोग ने इस अवधि में मामलों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से करने की व्यवस्था शुरू की है, ताकि अपीलकर्ताओं और संबंधित पक्षों को देहरादून स्थित आयोग कार्यालय पहुंचने में परेशानी न हो।
उत्तराखंड सूचना आयोग के इस निर्णय का उद्देश्य सूचना का अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों की सुनवाई को प्रभावित होने से बचाना है। आयोग ने ऑनलाइन वीडियो और ऑडियो माध्यम से सुनवाई की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे पक्षकार घर या अपने निकटतम स्थान से ही सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इसके चलते सड़कों पर यातायात दबाव बढ़ जाता है और कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहता है। ऐसे में आयोग ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल माध्यम से सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया है।
आयोग की ओर से पहले से ही ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। अपीलकर्ता, शिकायतकर्ता, लोक सूचना अधिकारी और अन्य संबंधित पक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत वीडियो या ऑडियो माध्यम से कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं।
सूचना आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था से लंबित मामलों की सुनवाई में निरंतरता बनी रहेगी और लोगों को अनावश्यक यात्रा से राहत मिलेगी। खासकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित होगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड सूचना आयोग सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत नागरिकों की अपीलों और शिकायतों की सुनवाई करता है। आयोग का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और लोगों को सूचना प्राप्त करने के अधिकार को प्रभावी बनाना है।
कांवड़ मेले के दौरान ऑनलाइन सुनवाई की यह पहल प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाए रखने के साथ–साथ डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





