मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को लेकर शिंदे खेमे ने दावा किया है कि लोकसभा में पार्टी के 6 सांसद उनके गुट में शामिल हो गए हैं। यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर हलचल तेज है।
शिंदे गुट के नेताओं के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के कुल 6 सांसदों ने अलग समूह बनाकर लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने अपने अलग होने की औपचारिक जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि ये सांसद जल्द ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह घटनाक्रम 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस के आसपास औपचारिक रूप से सामने आ सकता है, जब इन सांसदों के शिंदे गुट में विलय की संभावना जताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने उद्धव ठाकरे गुट के भीतर चिंता बढ़ा दी है और राजनीतिक हलकों में इसे बड़ी टूट के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सांसदों के पाला बदलने की खबरें “भ्रम फैलाने वाली” हो सकती हैं और संगठन में एकजुटता बनी हुई है।
इसी बीच, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो लोकसभा में शिंदे गुट की स्थिति और मजबूत होगी, जबकि उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है।
वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव और प्रलोभन के जरिए दल बदल की कोशिशें की जा रही हैं।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ये 6 सांसद वास्तव में किस गुट का रुख करते हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में इसका क्या असर पड़ता है।





