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विश्वविद्यालयों को कौशल और तकनीकी दक्षता पर देना होगा जोर: राज्यपाल गुरमीत सिंह

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने कहा है कि वर्तमान दौर में विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और उनमें कौशल विकास की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों से शिक्षा को तकनीकी दक्षता, नवाचार और उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक में कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रमों में सुधार जरूरी है। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और शोध की दिशा में भी आगे बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को ऐसी शिक्षा देना होना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज व प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें। राज्यपाल ने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार सृजक बनाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

बैठक में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, अनुसंधान को बढ़ावा देने, तकनीक के अधिकतम उपयोग और उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में विश्वविद्यालयों को नई तकनीकों को अपनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।

उन्होंने विश्वविद्यालयों से नवाचार और शोध को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और सामाजिक मूल्यों का विकास भी जरूरी है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों को अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। इसके लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और शोध आधारित शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना समय की जरूरत है।

 

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