मॉस्को। रूस में शुक्रवार से तीन दिवसीय संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। यह चुनाव 18 से 20 सितंबर 2026 तक चलेगा। देश में 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू होने के बाद यह पहला संसदीय चुनाव है। करीब 11.1 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं। मतदान केंद्रों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा की 450 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें आधी सीटें पार्टी सूची के आधार पर और बाकी 225 सीटें एकल सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों के माध्यम से भरी जाएंगी। मतदान देश के अलग-अलग समय क्षेत्रों के कारण चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ और रविवार को समाप्त होगा।
विपक्ष की सीमित मौजूदगी
चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यूनाइटेड रूस पार्टी समेत कई दल मैदान में हैं। हालांकि, प्रमुख विपक्षी और युद्ध-विरोधी आवाजों की चुनावी भागीदारी सीमित रही है। उदारवादी पार्टी याब्लोको को पार्टी सूची के तहत स्टेट ड्यूमा चुनाव में शामिल होने से रोक दिया गया है, जबकि उसके कुछ उम्मीदवार एकल सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
युद्ध और राजनीतिक समर्थन पर नजर
राष्ट्रपति पुतिन ने मतदान से पहले नागरिकों से चुनाव में भाग लेने की अपील की। उन्होंने मतदान को राष्ट्रीय एकता और यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के प्रति समर्थन से जोड़ा। रूस के अधिकारियों के अनुसार, तीन दिन तक मतदान कराने और ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान का अवसर देना है।
चुनाव में यूक्रेन के उन क्षेत्रों में भी मतदान कराया जा रहा है, जिन्हें रूस ने अपने कब्जे में लेकर विलय का दावा किया है। यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने इन क्षेत्रों में रूसी चुनाव प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के रूप में खारिज किया है।
मतदान रविवार को समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी। चुनाव के परिणाम रूस की संसद में राजनीतिक दलों के शक्ति-संतुलन और क्रेमलिन के लिए घरेलू राजनीतिक समर्थन का संकेत देंगे।





