अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राम मंदिर दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले के बीच बुलाई गई इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिया जा सकता है। साथ ही विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम रिपोर्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
बैठक का आयोजन दोपहर तीन बजे अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में किया जाएगा। ट्रस्ट की ओर से जारी एजेंडे में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार, दान पेटियों से प्राप्त राशि की गणना और प्रबंधन पर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, मंदिर के भविष्य के प्रशासनिक प्रबंध, वर्ष 2025-26 के आय-व्यय और वित्तीय विवरणों की समीक्षा सहित अन्य आवश्यक विषय शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पदाधिकारियों से लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांग सकता है। ट्रस्ट के नियमों के तहत किसी पदाधिकारी का इस्तीफा स्वीकार करने या उसके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में एसआईटी जांच जारी है। अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को प्रभावी और पारदर्शी कदम उठाने चाहिए।
बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और रिक्त पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। ऐसे में इस बैठक को राम मंदिर ट्रस्ट के भविष्य और उसकी कार्यप्रणाली के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





