देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने तीन नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने इस कदम को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प कार्यक्रम’ के दौरान इन नेताओं पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर गतिविधियां करने और कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप लगे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश नेतृत्व ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी और संबंधित नेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
जवाब संतोषजनक न मिलने और अनुशासनात्मक उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद पार्टी ने तीनों नेताओं की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन) की ओर से की गई।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिन नेताओं पर कार्रवाई की गई है, उनमें पिथौरागढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र लुंठी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी और दीपक लुंठी शामिल हैं। इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठनात्मक कार्यक्रमों को बाधित करने के आरोप लगे थे।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसे मामलों में और सख्त रुख अपनाया जाएगा।
इस कार्रवाई को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक पुनर्गठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि अनुशासनहीनता पर सख्ती से रोक लगाने से संगठन में एकता और कार्यकर्ताओं में स्पष्ट संदेश जाएगा।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की यह कार्रवाई उत्तराखंड की राजनीति में पार्टी अनुशासन को लेकर उसके सख्त रुख को दर्शाती है।





