उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। मां राजराजेश्वरी की डोली इस वर्ष गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी, जिसमें देवता सोमेश्वर भी उनके साथ यात्रा में शामिल रहेंगे। यह धार्मिक यात्रा क्षेत्रीय परंपराओं और लोक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
जानकारी के अनुसार, यह डोली यात्रा विधिवत पूजा–अर्चना के साथ प्रारंभ होगी। निर्धारित तिथि पर मां राजराजेश्वरी की डोली अपने मूल मंदिर से प्रस्थान करेगी और विभिन्न गांवों से होते हुए पवित्र गंगोत्री धाम के लिए आगे बढ़ेगी। यात्रा मार्ग में श्रद्धालु डोली का स्वागत करेंगे और जगह–जगह पूजा–अर्चना की जाएगी।
इस विशेष यात्रा में देवता सोमेश्वर की उपस्थिति को अत्यंत शुभ माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, दोनों देवताओं की संयुक्त यात्रा से क्षेत्र में सुख–समृद्धि और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल–दमाऊ और लोकगीतों के साथ पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।
श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग डोली के दर्शन के लिए मार्ग में एकत्र होते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। प्रशासन की ओर से भी यात्रा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गंगोत्री धाम में पहुंचने के बाद विशेष पूजा–अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद डोली पुनः अपने मूल स्थान के लिए प्रस्थान करेगी। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करती है।






