सुवा/नई दिल्ली, 28 मई। क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की नई दिल्ली में हुई हालिया घोषणा के बाद फिजी के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी विशिष्ट बंदरगाह परियोजना (पोर्ट प्रोजेक्ट) को अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस चरण पर केवल संभावित सहयोग और विकास योजनाओं पर चर्चा हुई है, लेकिन किसी एक निश्चित परियोजना की आधिकारिक पहचान नहीं की गई है।
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में फिजी को लेकर एक बड़े बंदरगाह विकास सहयोग की घोषणा की गई थी। इसके तहत “पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर” पहल के अंतर्गत फिजी में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और बंदरगाह क्षमता बढ़ाने की योजना सामने रखी गई थी। इसे प्रशांत द्वीपीय देशों में क्वाड की पहली बड़ी संयुक्त बुनियादी ढांचा परियोजना बताया गया।
हालांकि, फिजी के विदेश मंत्री के ताजा बयान के बाद इस परियोजना को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि फिजी सरकार अपने बंदरगाह विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ चर्चा कर रही है, लेकिन अभी किसी विशेष पोर्ट परियोजना या स्थान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
क्वाड देशों ने नई दिल्ली बैठक के बाद कहा था कि यह पहल प्रशांत क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार सुविधा और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल इंडो–पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिजी जैसे छोटे द्वीपीय देशों में बंदरगाह विकास न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि भू–राजनीतिक दृष्टि से भी अहम भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल फिजी सरकार ने संकेत दिया है कि वह सभी साझेदार देशों के साथ पारदर्शी और संतुलित तरीके से आगे बढ़ना चाहती है और किसी भी परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले व्यापक विचार–विमर्श किया जाएगा।





