देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है। पार्टी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है। पार्टी ने राज्य की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता की मांग उठाई है। कांग्रेस का कहना है कि विकास के नाम पर प्रदेश के हितों और पर्यावरण की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
पार्टी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। इसके अलावा युवाओं के रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
कांग्रेस नेतृत्व ने इन मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़ते हुए संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर अभियान चलाने पर जोर दिया है। पार्टी का कहना है कि वह सड़क से लेकर सदन तक जनता से जुड़े सवाल उठाती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की मांग बढ़ रही है और 2027 के चुनाव में पार्टी जनता के सामने मजबूत विकल्प पेश करेगी। वहीं, सरकार पर लगाए गए आरोपों को कांग्रेस के राजनीतिक दावों के रूप में देखा जा रहा है।





