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भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा स्थगित, 30 जुलाई तक तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर रोक

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्गों की स्थिति सामान्य होने और उन्हें सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही दोबारा यात्रा शुरू की जाएगी।

राज्य में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर मलबा आने और भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन ने केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

गढ़वाल मंडल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा रोकने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों की लगातार समीक्षा की जा रही है और जहां भी सड़कें अवरुद्ध हैं, वहां मलबा हटाने का काम जारी है।

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा शुरू करने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जो श्रद्धालु पहले से यात्रा मार्ग पर हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहरने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

मौसम विभाग की ओर से उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जिसके चलते प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सबसे प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसमें हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मानसून के दौरान यात्रा मार्गों पर मौसम की चुनौती को देखते हुए प्रशासन पहले भी कई बार अस्थायी रूप से यात्रा रोक चुका है।

अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार और सभी प्रमुख मार्गों के सुरक्षित होने के बाद ही चारधाम यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा। फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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