बीजिंग: भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बीजिंग में चीन की उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत-चीन संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने व्यापार, आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक संपर्क और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के नेताओं की ओर से दिए गए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के दिशा-निर्देशों को लागू करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विक्रम मिस्री ने चीन यात्रा के दौरान चीन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (CPPCC) के उप महासचिव होंग लियांग से भी बातचीत की। इन बैठकों में राजनीतिक संपर्क और जनता के स्तर पर संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
भारत और चीन के बीच संबंध वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद दोनों देशों ने कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए हैं। हाल के समय में दोनों पक्षों ने संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पर शांति और विश्वास बहाली भारत-चीन संबंधों को स्थिर करने के लिए अहम मुद्दा बना हुआ है। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि सीमा क्षेत्रों में शांति और सामान्य स्थिति के बिना द्विपक्षीय संबंधों में पूरी मजबूती नहीं आ सकती।
विक्रम मिस्री की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब दोनों देश व्यापार, संपर्क और कूटनीतिक संवाद को फिर से गति देने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।





