उत्तरकाशी। उत्तराखंड के हर्षिल और धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। नदी के तेज बहाव और कटाव से आवासीय क्षेत्रों, सरकारी भवनों, सेब के बागानों तथा पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठानों पर खतरा मंडरा रहा है। हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष आई आपदा के बाद हर्षिल और धराली के बीच बने जलभराव तथा नदी के बदले स्वरूप से खतरा लगातार बढ़ रहा है। बीते दिनों नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जीएमवीएन परिसर का टिनशेड बह गया, कई पेड़ नदी में समा गए और कटाव तेज हो गया। इससे पुलिस थाना, लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस, सेना क्षेत्र, होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हर्षिल क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जल्द सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी किनारे मजबूत वायरक्रेट दीवार और अन्य सुरक्षात्मक निर्माण नहीं किए गए तो मानसून के दौरान बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों का दावा है कि बढ़ते खतरे के कारण कई परिवार रात में पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया है। अधिकारियों के अनुसार नदी किनारे क्षतिग्रस्त सुरक्षा ढांचे की मरम्मत और अतिरिक्त बचाव कार्यों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





