फ्लोरिडा/नई दिल्ली। अरबपति जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसका भारी-भरकम “न्यू ग्लेन” रॉकेट फ्लोरिडा स्थित लॉन्च पैड पर परीक्षण के दौरान अचानक विस्फोट में नष्ट हो गया। यह घटना उस समय हुई जब रॉकेट का “हॉट फायर टेस्ट” किया जा रहा था, यानी इंजन को लॉन्च से पहले स्थिर स्थिति में चलाकर जांचा जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और लाइव स्ट्रीम फुटेज में देखा गया कि परीक्षण शुरू होते ही रॉकेट के इंजनों में आग भड़की और कुछ ही सेकंड में पूरा रॉकेट एक विशाल आग के गोले में बदल गया, जिससे लॉन्चपैड के आसपास घना धुआं और आग फैल गई।
ब्लू ओरिजिन ने घटना को “तकनीकी अनियमितता” (anomaly) बताते हुए पुष्टि की कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कंपनी ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यह रॉकेट ब्लू ओरिजिन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जाता है, जिसे भविष्य में उपग्रह प्रक्षेपण, चंद्र मिशन और भारी कार्गो अंतरिक्ष में भेजने के लिए विकसित किया जा रहा था। न्यू ग्लेन रॉकेट को स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया गया था।
विस्फोट के बाद अंतरिक्ष क्षेत्र में हलचल मच गई है, क्योंकि यह घटना ऐसे समय हुई है जब निजी अंतरिक्ष कंपनियां तेज़ी से नई तकनीकें विकसित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे से ब्लू ओरिजिन के आगामी लॉन्च कार्यक्रमों में देरी हो सकती है।
कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कठिन दिन” बताया और कहा कि कंपनी आगे भी काम जारी रखेगी और आवश्यक सुधारों के बाद फिर से उड़ान भरेगी।
फिलहाल अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (FAA) और कंपनी दोनों ही मिलकर हादसे की जांच में जुटे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी प्रकार के हवाई यातायात पर असर नहीं पड़ा है।
यह घटना अंतरिक्ष तकनीक की जटिलता और उच्च जोखिम को एक बार फिर उजागर





