नई दिल्ली/बीजिंग। भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बीजिंग में हुई 35वीं वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) बैठक में दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की और मौजूदा शांति बनाए रखने पर संतोष जताया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने माना कि सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने से द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में प्रगति हुई है। बैठक को “रचनात्मक और भविष्य–उन्मुख” बताया गया, जिसमें दोनों देशों ने आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान पूर्वी लद्दाख सहित सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा प्रबंधन और तनाव कम करने के लिए नियमित संवाद और सैन्य–राजनयिक स्तर पर संपर्क बेहद जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, भारत और चीन ने यह भी माना कि हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव घटाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उन्होंने रिश्तों में सुधार का रास्ता खोला है। दोनों देशों ने यह भी संकेत दिया कि आगे भी आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए बातचीत जारी रहेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है। हालांकि पिछले कुछ समय में सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत के जरिए तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच संवाद की निरंतरता को दर्शाती है, लेकिन सीमा विवाद का स्थायी समाधान अभी भी लंबी प्रक्रिया है।
बैठक को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है जब भारत और चीन दोनों ही क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
फिलहाल दोनों देशों ने यह स्पष्ट किया है कि सीमा पर शांति बनाए रखना ही आगे संबंधों को सामान्य करने की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।




