ढाका। चीन ने एक बार फिर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करते हुए ढाका के समर्थन का भरोसा जताया है। बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने कहा कि बीजिंग की नीति किसी भी देश के घरेलू मामलों में बाहरी दखल का विरोध करने की रही है और इसी सिद्धांत के तहत वह बांग्लादेश के साथ खड़ा है।
याओ वेन का यह बयान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हालिया चीन यात्रा के बाद आया है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। संयुक्त बयान में भी बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करने की बात दोहराई गई थी।
चीनी राजदूत ने कहा कि चीन स्वयं भी समय-समय पर बाहरी हस्तक्षेप की चुनौतियों का सामना करता है, इसलिए वह बांग्लादेश की स्थिति को अच्छी तरह समझता है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से चीन की विदेश नीति का मूल सिद्धांत अन्य देशों की संप्रभुता और आंतरिक मामलों का सम्मान करना रहा है।
रक्षा सहयोग के मुद्दे पर याओ वेन ने कहा कि चीन और बांग्लादेश के बीच सहयोग का दायरा व्यापक है और भविष्य में रक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, बांग्लादेश द्वारा चीन से J-10C लड़ाकू विमान खरीदने की अटकलों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में चीन और बांग्लादेश के बीच बढ़ती रणनीतिक निकटता दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रही है।





