पिथौरागढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सात गुलदारों (तेंदुओं) के एक साथ देखे जाने से दहशत का माहौल बन गया है। इन जंगली जानवरों की सक्रियता से ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ रही घटनाओं ने वन विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ के कुछ गांवों के आसपास हाल के दिनों में गुलदारों के झुंड को एक साथ घूमते हुए देखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ये गुलदार खेतों और रिहायशी इलाकों के करीब तक पहुंच रहे हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि शाम के समय खेतों में काम करना और पशुओं को बाहर छोड़ना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर लोगों ने रात में पहरा देना शुरू कर दिया है। गांवों में लगातार बढ़ती हलचल और गुलदारों की मौजूदगी ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पहले भी क्षेत्र में गुलदार के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार एक साथ कई गुलदारों की मौजूदगी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ कैमरा ट्रैप और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि गुलदारों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक होने पर इन्हें पकड़ने या सुरक्षित जंगल क्षेत्र में वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण जंगली जानवर आबादी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो रही है।
फिलहाल गांवों में भय का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





