नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने खाड़ी देशों के दौरे के दौरान स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी हाल में क्षेत्रीय साझेदार देशों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डालेगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन जैसे सहयोगी देशों की सुरक्षा व स्थिरता अमेरिका की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
रुबियो इन दिनों यूएई, कुवैत और बहरीन की यात्रा पर हैं, जहां वे हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक शांति समझौते को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह समझौता अभी तकनीकी और राजनीतिक बातचीत के दौर में है, लेकिन इसके कई प्रावधानों को लेकर खाड़ी देशों में असमंजस बना हुआ है।
कुवैत में बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करेगा कि कोई भी समझौता खाड़ी देशों की सुरक्षा, संप्रभुता और रणनीतिक हितों को प्रभावित न करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेष रूप से ईरान के साथ चल रही वार्ताओं के संदर्भ में खाड़ी देशों को यह आशंका है कि किसी समझौते के तहत ईरान को मिलने वाली आर्थिक राहत और धनराशि का उपयोग वह अपने सैन्य और क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने में कर सकता है। इन चिंताओं को देखते हुए रुबियो का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसमें क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, अभी इस पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।
रुबियो ने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सभी पक्षों के बीच संवाद आवश्यक है, लेकिन किसी भी समझौते में साझेदार देशों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि रुबियो का यह दौरा अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक भरोसे को मजबूत करने की कोशिश है। हाल के वर्षों में क्षेत्रीय तनाव और ईरान से जुड़ी गतिविधियों के कारण सुरक्षा समीकरण काफी जटिल हुए हैं।





