नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार अब परिसीमन सहित लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विपक्ष के साथ सहमति बनाकर संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित की जाए, ताकि लंबे समय से लंबित विधायी कार्य पूरे किए जा सकें।
सूत्रों के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता में परिसीमन विधेयक, महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों तथा अन्य महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं। इन्हें लेकर विपक्ष की आपत्तियों को दूर करने के लिए लगातार संवाद की पहल की जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने और सदन को सामान्य रूप से चलाने पर चर्चा की। हालांकि, कांग्रेस ने अपने रुख में किसी बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं।
सरकार का मानना है कि संसद का समय बाधित होने से महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सभी दलों की सहमति से लंबित विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि सदन में सहयोग का माहौल बनता है तो आने वाले दिनों में इन विधेयकों पर चर्चा की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
दूसरी ओर, विपक्ष परिसीमन और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व के ऐसे विधेयकों पर व्यापक राजनीतिक सहमति आवश्यक है और सभी राज्यों की चिंताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है तो संसद का गतिरोध समाप्त होने के साथ ही लंबित विधेयकों पर निर्णय का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, सहमति नहीं बनने की स्थिति में मानसून सत्र का शेष हिस्सा भी टकराव की भेंट चढ़ सकता है।





