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नीट पर चर्चा के दौरान विपक्ष में तकरार, अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर साधा निशान

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्षी एकता में दरार उस समय खुलकर सामने आ गई, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सदन में अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो गया है, क्योंकि चर्चा के दौरान अन्य विपक्षी दलों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।

लोकसभा में अखिलेश यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों को अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इसे विपक्ष के भीतर समान भागीदारी के सिद्धांत के खिलाफ बताया और कहा कि छात्रों के इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों की बात सुनी जानी चाहिए।

अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार नीट पेपर लीक मामले को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठा रही है तथा सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास कर रही है। वेणुगोपाल ने किसी भी तरह के समझौते के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

संसद में इस घटनाक्रम के बाद कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्षी दलों के बीच मतभेदों पर टिप्पणी की, जबकि विपक्षी सांसदों ने सरकार से नीट पेपर लीक मामले पर जवाब देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। इस बीच सरकार ने फिर स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के भीतर राजनीतिक टकराव लगातार जारी है। जहां विपक्ष सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, वहीं विपक्षी दलों के बीच सामने आई यह तकरार भी चर्चा का विषय बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष की साझा रणनीति को लेकर अब नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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