नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया है। जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर में कथित अनियमितताओं, शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है।
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
ACB के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के STP के विस्तार और अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर में कथित तौर पर शर्तों को इस तरह बदला गया, जिससे एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंच सके। जांच में टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। इस मामले में यूरोटेक एनवायरनमेंट से जुड़े ठेकों को भी जांच के केंद्र में रखा गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी दिसंबर 2025 में इसी मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। ED की जांच के अनुसार, टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर के जरिए यूरोटेक को फायदा पहुंचाया गया और करीब 6.73 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमीशन/रिश्वत का लेनदेन सामने आया था। एजेंसी ने करीब 17.70 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित राशि का भी उल्लेख किया था।
पूर्व CEO भी गिरफ्तार
ACB ने जैन के साथ पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव समेत अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी टेंडर प्रक्रिया में अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच संभावित सांठगांठ तथा कथित धन के लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
AAP ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में कार्रवाई की गई है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के सामने कथित धन के लेनदेन से जुड़े तथ्य मौजूद हैं। मामले को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
ACB की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण आरोपितों से पूछताछ, टेंडर दस्तावेजों की जांच और कथित धन के प्रवाह का पता लगाने पर केंद्रित रहेगा। मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही से तस्वीर और स्पष्ट होगी।





