नई दिल्ली। दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने दिवाली के अवसर पर सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को सुबह और शाम निर्धारित समय के दौरान ही आतिशबाजी की जा सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल सीएसआईआर-नीरी (CSIR-NEERI) से प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। सामान्य पटाखों और बेरियम युक्त पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके अलावा पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
अदालत ने अस्पतालों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर भी रोक लगाई है। इन स्थानों के आसपास आतिशबाजी की अनुमति नहीं होगी।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि 9 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध फिर बहाल हो जाएगा। यानी 7 और 8 नवंबर की सीमित छूट के बाद पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर दोबारा रोक लागू होगी।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर सालभर का प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, त्योहारों की भावनाओं और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने के लिए अदालत ने सीमित अवधि की छूट देने का फैसला किया है।





