तेलंगाना में दलबदल पर हाईकोर्ट का फैसला, दानम नागेंद्र की सीट रिक्त घोषित
हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट ने खैरताबाद विधानसभा सीट से विधायक दानम नागेंद्र को दलबदल कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन की पीठ ने भाजपा विधायक एलेटी महेश्वर रेड्डी और बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि नागेंद्र की विधानसभा सीट रिक्त मानी जाएगी और इस संबंध में आदेश की प्रति विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा सचिव तथा चुनाव आयोग को भेजी जाए।
बीआरएस के टिकट पर जीते थे चुनाव
दानम नागेंद्र ने 2023 के विधानसभा चुनाव में खैरताबाद सीट से भारत राष्ट्र समिति (BRS) के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद मार्च 2024 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। उसी वर्ष उन्होंने सिकंदराबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ा था। वह भाजपा के जी. किशन रेड्डी से चुनाव हार गए थे।
इसी के बाद उनके खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल के आधार पर विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नागेंद्र ने बीआरएस विधायक रहते हुए कांग्रेस का दामन थामा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा।
स्पीकर के फैसले को दी गई थी चुनौती
तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष ने 11 मार्च 2026 को नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद भाजपा और बीआरएस के विधायकों ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने अब स्पीकर के आदेश को निरस्त करते हुए नागेंद्र को अयोग्य घोषित कर दिया है।
नागेंद्र उन 10 बीआरएस विधायकों में शामिल थे, जिनके कांग्रेस में जाने को लेकर दलबदल संबंधी याचिकाएं दायर की गई थीं। अन्य विधायकों से जुड़े मामले भी अदालत के समक्ष लंबित हैं।





