हरिद्वार, एजेंसी। पावन पर्व गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए देशभर से आए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की।
हर की पैड़ी और आसपास के सभी घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया। घाटों पर लगातार गंगा आरती और धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से भर गया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भीड़ को देखते हुए घाट क्षेत्र में अतिरिक्त बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाई गई ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे संयम बनाए रखें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस अवसर पर हरिद्वार में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
पूरे शहर में “हर-हर गंगे” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा और गंगा तट भक्ति के महासागर में बदल गया।





