रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम की यात्रा के बीच मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों के लिए जारी किए गए ‘ऑरेंज अलर्ट’ ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) विशाल मिश्रा स्वयं ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतर आए हैं। इसी कड़ी में, सोमवार देर रात्रि जिलाधिकारी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और यात्रा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों को परखा।
कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी
देर रात अचानक यात्रा कंट्रोल रूम पहुँचे जिलाधिकारी ने वहां तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की सक्रियता की जांच की।
- सीसीटीवी से मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में लगी बड़ी स्क्रीन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से केदारनाथ यात्रा मार्ग, संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे पहाड़ी से पत्थर गिरने वाली जगहें) और मौसम की ताजा स्थिति की बारीकी से समीक्षा की।
- संवेदनशील स्थानों पर नजर: डीएम ने विशेष रूप से पैदल मार्ग के उन हिस्सों की निगरानी करने के निर्देश दिए जहाँ भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- त्वरित कार्रवाई: उन्होंने कहा कि निगरानी और सूचना तंत्र को इतना सुदृढ़ किया जाए कि यदि कहीं भी कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
- 24 घंटे सतर्कता: डीएम ने अधिकारियों और आपदा प्रबंधन की टीमों को अगले 48 घंटों तक ‘हाई अलर्ट’ पर रहने और 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने को कहा है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
मौसम की चुनौतियों के बीच प्रशासन का मुख्य ध्यान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- सुरक्षा प्राथमिकता: जिलाधिकारी ने कहा, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए हम किसी भी जोखिम से बचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
- यात्रियों को सलाह: प्रशासन द्वारा यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें और बारिश या बर्फबारी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकें।




