नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए संगठनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम से नाराज बताया जा रहा है और राज्य इकाई से जवाब तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुए 7 सीटों के चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं। इस परिणाम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है क्योंकि अपेक्षाओं के विपरीत विपक्षी गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ा और सत्तारूढ़ कांग्रेस को फायदा मिला। बताया जा रहा है कि इस नतीजे के पीछे बीजेपी और जेडी(एस) के कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग अहम कारण रही।
क्रॉस वोटिंग के कारण विपक्षी खेमे में आंतरिक असंतोष और अनुशासनहीनता की स्थिति सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, कई विधायकों द्वारा पार्टी लाइन से हटकर मतदान किए जाने की आशंका के चलते परिणामों में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
घटना को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी हाईकमान ने कर्नाटक के शीर्ष नेताओं को दिल्ली तलब किया है। केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और यह भी स्पष्ट किया है कि पार्टी अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। संगठन स्तर पर यह भी संकेत मिले हैं कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम को कर्नाटक की राजनीति में बीजेपी के भीतर बढ़ती असहमति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस इस परिणाम को अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत होने के तौर पर देख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रॉस वोटिंग की यह घटना न केवल विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौती है, बल्कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नई समीकरणों को भी जन्म दे सकती है।
फिलहाल बीजेपी ने मामले की आंतरिक जांच तेज कर दी है और राज्य नेतृत्व से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Bottom of Form





