नई दिल्ली। एशियन गेम्स के लिए भारतीय ड्रेसाज (घुड़सवारी) टीम के चयन को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग (रिक्यूज) कर लिया। हालांकि, न्यायाधीश ने अपने इस निर्णय के पीछे कोई कारण सार्वजनिक नहीं किया।
यह मामला उन खिलाड़ियों की याचिका से जुड़ा है जिन्होंने एशियन गेम्स के लिए भारतीय ड्रेसाज टीम के चयन पर सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और निर्धारित मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर चुका था।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश के खुद को मामले से अलग करने के बाद अब इस याचिका को नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयन प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुईं, जिससे योग्य खिलाड़ियों को अंतिम टीम में जगह नहीं मिल सकी। वहीं, चयन प्रक्रिया का बचाव करते हुए संबंधित पक्ष का कहना है कि सभी खिलाड़ियों का मूल्यांकन तय मानकों के अनुसार किया गया और चयन पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुआ।
गौरतलब है कि एशियन गेम्स के लिए भारतीय ड्रेसाज टीम के चयन को लेकर विवाद पिछले कुछ समय से अदालतों में विचाराधीन है। अब सुप्रीम कोर्ट में नई पीठ के गठन के बाद इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जिस पर खिलाड़ियों और खेल जगत की नजरें टिकी हुई हैं।




