बीजिंग। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते विकास और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर अमेरिका-चीन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। चीन ने सोमवार को एआई के विकास में खुलेपन और समावेशिता की वकालत करते हुए चेतावनी दी कि डर, टकराव और खतरनाक प्रतिस्पर्धा से वैश्विक एआई व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एआई मानवता के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है। इसके विकास का उद्देश्य मानवता के हित में होना चाहिए और इसके लाभ सभी तक पहुंचने चाहिए। चीन ने एआई को किसी देश के बीच रणनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही।
दरअसल, अमेरिका में चीनी एआई की बढ़ती क्षमता को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं सामने आ रही हैं। अत्याधुनिक एआई मॉडल, कंप्यूटिंग क्षमता और सेमीकंडक्टर तकनीक को लेकर अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक रणनीति और शक्ति संतुलन से भी जुड़ गया है।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी एआई विकास की रफ्तार को अमेरिका-चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिस्पर्धा के नजरिए से देखने पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान केवल भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के आधार पर नहीं किया जा सकता।
एआई की बढ़ती क्षमताओं के साथ यह चिंता भी बढ़ रही है कि कहीं तकनीक के विकास की गति इंसानों की उसे सुरक्षित रखने और नियंत्रित करने की क्षमता से आगे न निकल जाए। चीन ने इसी संदर्भ में खुले और समावेशी विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया है।





