देहरादून: उत्तराखंड में आगामी जनगणना की नींव तैयार करने के लिए चल रही ‘डिजिटल मकान स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। प्रदेश के नागरिकों के लिए स्वयं ऑनलाइन माध्यम से विवरण दर्ज करने का आज यानी शुक्रवार को आखिरी दिन है। इसके ठीक बाद, शनिवार से जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त प्रगणकों (Enumerators) की टीमें घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने का कार्य शुरू करेंगी। निदेशालय ने इस वृहद अभियान के लिए अपनी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
डिजिटल स्व-गणना: 56 हजार से अधिक लोगों ने दर्ज किया विवरण
निदेशालय जनगणना की ओर से प्रदेश में 10 अप्रैल से डिजिटल भवन स्व-गणना की शुरुआत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से गणना प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना था।
- सफलता का आंकड़ा: ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक प्रदेश के लगभग 56,000 नागरिकों ने घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपनी गणना पूरी कर ली है।
- एसई आईडी (SE ID): जिन लोगों ने ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की है, उन सभी को निदेशालय द्वारा ‘सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी’ जारी कर दी गई है। यह आईडी प्रगणकों के आने पर उन्हें दिखानी होगी, जिससे दोबारा डेटा दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जिलावार आंकड़े: देहरादून और नैनीताल रहे सबसे आगे
स्व-गणना के मामले में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जिलों के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मैदानी जिले: देहरादून में सर्वाधिक 9,627 लोगों ने स्व-गणना की, जबकि नैनीताल में 8,255 और हरिद्वार में 6,410 लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया। ऊधमसिंह नगर में यह संख्या 5,471 रही।
- पर्वतीय जिले: अल्मोड़ा में 4,294, बागेश्वर में 3,339, चंपावत में 3,200 और पिथौरागढ़ में 2,963 लोगों ने पंजीकरण कराया। चमोली में 2,510, पौड़ी में 2,895, टिहरी में 2,570 और उत्तरकाशी में 2,653 लोग डिजिटल गणना से जुड़े। सबसे कम भागीदारी रुद्रप्रयाग जिले में 1,330 दर्ज की गई।
कल से शुरू होगा फील्ड वर्क: घर-घर पहुँचेंगे प्रगणक
शनिवार सुबह से जनगणना का अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है।
- सत्यापन और गणना: प्रगणकों की टीमें प्रत्येक ब्लॉक और वार्ड के हर घर में जाएँगी। जिन परिवारों ने स्व-गणना कर ली है, उनका केवल सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
- नया पंजीकरण: जो परिवार डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी नहीं दे पाए हैं, प्रगणक उनके घर पहुँचकर मौके पर ही डिजिटल उपकरणों के माध्यम से उनका पूरा विवरण दर्ज करेंगे।
निदेशालय की अपील और तैयारियां
जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार रात 12 बजे के बाद स्व-गणना का पोर्टल बंद हो जाएगा। प्रशासन ने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि वे गणना के दौरान आम जनता के साथ सहयोग करें और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करें। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी प्रदान करें ताकि भविष्य की सरकारी योजनाओं का खाका सही आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जा सके।





