वॉशिंगटन। ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पेसएक्स ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क स्टारलिंक की सैन्य सेवाओं के शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अमेरिकी रक्षा विभाग और कंपनी के बीच विवाद गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में स्टारलिंक नेटवर्क का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष रूप से LUCAS नामक ड्रोन सिस्टम को संचालित करने के लिए स्टारलिंक की सेवाएं ली जा रही हैं। इसी बीच स्पेसएक्स ने प्रति टर्मिनल शुल्क 5,000 डॉलर से बढ़ाकर 25,000 डॉलर तक करने की मांग रख दी।
रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने शुरुआत में इस बढ़ोतरी का विरोध किया, लेकिन युद्ध के दौरान स्टारलिंक पर बढ़ती निर्भरता के कारण अंततः नई दरों को स्वीकार करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि इससे ड्रोन संचालन की लागत लगभग दोगुनी हो गई है।
इस बीच एलन मस्क ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि स्पेसएक्स और पेंटागन के बीच तीखा टकराव हुआ। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि स्टारलिंक के सिविलियन नेटवर्क का इस्तेमाल “सैन्य उद्देश्यों” के लिए किया जा रहा है।
ईरान में इंटरनेट प्रतिबंधों और युद्ध जैसी स्थिति के बीच स्टारलिंक की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। पहले भी एलन मस्क ने ईरान में इंटरनेट सेवाएं सक्रिय करने की घोषणा की थी, ताकि लोग सरकारी इंटरनेट प्रतिबंधों के बावजूद बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए रख सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में निजी टेक कंपनियों की बढ़ती भूमिका भविष्य में सरकारों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकती है। स्टारलिंक की वैश्विक पहुंच और तकनीकी बढ़त के कारण अमेरिका समेत कई देशों की सेनाएं अब इस नेटवर्क पर काफी हद तक निर्भर हो चुकी हैं।






