नई दिल्ली/तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। यह जानकारी कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, यह निमंत्रण ऐसे समय में दिया गया है जब ईरान में खामेनेई के निधन के बाद राज्य स्तरीय शोक और अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में तेहरान, क़ुम और मशहद जैसे प्रमुख शहरों में कई दिनों तक आयोजन किए जाने की योजना है।
ईरान सरकार ने इस अवसर को राष्ट्रीय सम्मान और धार्मिक महत्व से जुड़ा बड़ा आयोजन बताया है। माना जा रहा है कि इसमें कई देशों के प्रमुख और प्रतिनिधिमंडल शामिल हो सकते हैं। पाकिस्तान ने पहले ही एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा कर दी है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
भारत की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे या नहीं। विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और भारत-ईरान संबंधों के मद्देनज़र यह निर्णय संवेदनशील हो सकता है।
इस घटना को पश्चिम एशिया में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भारत पारंपरिक रूप से ईरान के साथ ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग के संबंध रखता है, जबकि हाल के वर्षों में उसकी विदेश नीति संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित रही है।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय इस आमंत्रण पर क्या रुख अपनाते हैं।




