नई दिल्ली। भारतीय मूल के उद्यमी और अंतरिक्ष यात्री अर्विंदर बहल ने एक साहसिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 600 फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान के पंखों पर चलने (विंग वॉकिंग) का कारनामा किया है। इस अद्भुत स्टंट के साथ वे एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं और साहसिक खेलों की दुनिया में नया उदाहरण पेश किया है।
जानकारी के अनुसार, यह जोखिम भरा स्टंट एक विशेष प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों के तहत किया गया। उड़ते हुए विमान के पंखों पर संतुलन बनाते हुए बहल ने हवा की तेज रफ्तार और ऊंचाई के बीच लगभग कुछ मिनट तक चलकर यह उपलब्धि हासिल की। इस दौरान सुरक्षा टीम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
अर्विंदर बहल को उनके साहसिक अभियानों और अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों के लिए भी जाना जाता है। वे पहले भी विभिन्न उच्च जोखिम वाले एडवेंचर स्पोर्ट्स में भाग ले चुके हैं। उनकी यह नवीनतम उपलब्धि उन्हें उन चुनिंदा लोगों की सूची में शामिल करती है, जिन्होंने विंग वॉकिंग जैसे खतरनाक खेल को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विंग वॉकिंग दुनिया के सबसे जोखिमपूर्ण एडवेंचर स्पोर्ट्स में से एक माना जाता है, जिसमें अत्यधिक शारीरिक संतुलन, मानसिक धैर्य और कठोर सुरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। मामूली असंतुलन भी गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।
इस उपलब्धि के बाद बहल ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए रोमांच और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को भी अपने डर पर काबू पाने और सीमाओं से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उनकी इस उपलब्धि की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है, और इसे भारतीय मूल के साहसिक यात्रियों की बढ़ती वैश्विक पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
इस स्टंट ने एक बार फिर साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही प्रशिक्षण के साथ असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।





