ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया जब जमात-ए-इस्लामी और अन्य विपक्षी संगठनों ने भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। यह प्रदर्शन कथित रूप से भारत की ओर से सीमा पर “पुश-इन” (अवैध घुसपैठियों को धकेलने) की घटनाओं के विरोध में किया गया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में भारी तैनाती की।
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारी समूह भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाल ही में सामने आए विवादित मामलों और कथित अवैध प्रवासन से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराज थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीमा पर भारतीय सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियों से बांग्लादेश के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं और इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच, प्रदर्शनकारियों ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें रोक दिया। मौके पर पुलिस और अन्य बलों ने बैरिकेडिंग कर हालात को नियंत्रित किया। किसी बड़े टकराव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
इस घटना के बाद ढाका में कूटनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है। इससे पहले भी भारत-बांग्लादेश संबंधों में सीमा सुरक्षा और कथित “पुश-बैक/पुश-इन” मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जमात-ए-इस्लामी जैसे विपक्षी संगठनों के सड़क पर उतरने से स्थिति और जटिल हो सकती है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक मुद्दों पर पहले से ही चर्चा चल रही है।
प्रशासन ने बताया कि भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। मामले पर नजर रखी जा रही है।




