कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ दो नए मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। एक मामला 2020 में भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य के काफिले पर कथित हमले से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला सरकारी जमीन से कथित अवैध मिट्टी खनन और पेड़ों की कटाई से संबंधित है।
शमिक भट्टाचार्य के काफिले पर हमले का मामला
भाजपा नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने डायमंड हार्बर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 6 अक्टूबर 2020 को शमिक भट्टाचार्य के डायमंड हार्बर दौरे के दौरान उनके काफिले पर सुनियोजित हमला किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह हमला अभिषेक बनर्जी के इशारे पर उनके समर्थकों ने कराया था। मामले में करीब 78 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है।
हालांकि, ये आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अभिषेक बनर्जी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
अवैध खनन मामले में जांच के आदेश
दूसरा मामला नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों में सरकारी जमीन से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने और कीमती पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, कृष्णनगर की अदालत ने शिकायत पर पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि सरकारी जमीन से मिट्टी और पेड़ों के अवैध दोहन के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद अभिषेक बनर्जी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किसी मामले में आरोप या जांच का सामना करना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अभिषेक बनर्जी इससे पहले भी विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई और कानूनी मामलों को लेकर राजनीतिक विवादों में रहे हैं। TMC लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्रीय और राज्य स्तर की जांच का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि कानून के तहत जांच होना जरूरी है।





