इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी की हर बूंद उसके लिए ‘रेड लाइन’ है और यदि भारत ने पानी के मुद्दे पर कोई कदम उठाया तो इस्लामाबाद इसका सीधा जवाब देगा।
शहबाज शरीफ ने गुरुवार को इस्लामाबाद में ‘यादगार-ए-फतह’ स्मारक के उद्घाटन समारोह में यह बयान दिया। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं, बल्कि शांति चाहता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति की उसकी इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि पानी पाकिस्तान के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अपने रुख से पीछे नहीं हटता है तो पाकिस्तान सीधा जवाब देने के लिए तैयार है।
शहबाज ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि यदि पाकिस्तान की संप्रभुता या रक्षा को फिर चुनौती दी गई तो जवाब पहले से अधिक मजबूत होगा।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार किया था।
सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। शहबाज के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि पानी का मुद्दा भारत-पाकिस्तान संबंधों में आने वाले दिनों में भी एक प्रमुख विवाद बना रह सकता है।





