देश में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अपील की है कि वे इसके डेटा प्लेटफॉर्म का सक्रिय उपयोग करें।
नैटग्रिड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष गोयल ने इस संबंध में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) को पत्र लिखकर कहा है कि उनके अधीनस्थ बल नैटग्रिड के साथ संवाद बढ़ाएं और इसकी सेवाओं को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करें।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत नैटग्रिड एक रीयल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग प्लेटफॉर्म है जो आतंकवाद, संगठित अपराध, नकली मुद्रा, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों से संबंधित जानकारी 11 केंद्रीय एजेंसियों और सभी राज्यों की पुलिस के साथ साझा करता है।
इसका उद्देश्य अपराध पर समय रहते सूचना आधारित कार्रवाई को सक्षम बनाना है।
अपने पत्र में गोयल ने कहा कि राज्य अपने-अपने पुलिस बलों में नैटग्रिड के उपयोग को बढ़ावा दें ताकि सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाई जा सके। उन्होंने DGPs से आग्रह किया कि वे समय-समय पर बैठकों में इसकी समीक्षा करें, ताकि नैटग्रिड को अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाया जा सके।
गोयल ने यह भी बताया कि नैटग्रिड में लगातार नई सुविधाएं और क्षमताएं जोड़ी जा रही हैं, और राज्यों के अनुरोध पर पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा सकते हैं।
नैटग्रिड के उपयोग को लेकर जनवरी–जून 2025 की अवधि में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और असम को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य बताया गया है।
तमिलनाडु की भी विशेष सराहना की गई है, जिसने केवल जून महीने में ही सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या में चार गुना वृद्धि दर्ज की है।





