नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर से तय समय-सीमा के भीतर फैसला लेने की उम्मीद जताई। अदालत ने कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि स्पीकर को उसके पहले के आदेश और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी है।
10 अक्टूबर को खत्म होगी समय-सीमा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने TMC विधायक सोहनदेब चट्टोपाध्याय की याचिका पर सुनवाई की। चट्टोपाध्याय ने विधानसभा अध्यक्ष रथिन बोस के समक्ष 10 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। उनका आरोप है कि इन विधायकों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय के लिए पहले से तय तीन महीने की समय-सीमा 10 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। पीठ ने उम्मीद जताई कि स्पीकर निर्धारित समय के भीतर उचित निर्णय लेने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही अदालत ने चट्टोपाध्याय की याचिका का निपटारा कर दिया।
10 विधायकों को जारी हो चुके हैं नोटिस
इस मामले में पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय पहले ही 10 बागी विधायकों को नोटिस जारी कर चुका है और उनसे अयोग्यता संबंधी याचिका पर जवाब मांगा गया है। इन विधायकों में विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी समेत अन्य विधायक शामिल हैं।
मामला दल-बदल कानून के तहत विधायकों की सदस्यता से जुड़ा है। अब सभी की नजरें विधानसभा अध्यक्ष के संभावित फैसले पर हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तीन महीने की अवधि 10 अक्टूबर को पूरी हो जाएगी।




