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मतदाता सूची विवाद पर जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- ‘100 बार झूठ बोलने से सच नहीं बन जाता’

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार आरोप लगाने से वे सच नहीं हो जाते।

नड्डा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता और सच को हराया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग समेत संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। नड्डा ने राहुल गांधी के साथ अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी का भी उल्लेख किया।

विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप

नड्डा ने कहा कि विपक्ष के पास स्पष्ट नीति और विजन का अभाव है और वह आरोप लगाकर देश में भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से आरोपों पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद विपक्ष अपने आरोप दोहरा रहा है।

नड्डा ने विपक्ष की राजनीति को लेकर भी कई आरोप लगाए और कहा कि भाजपा के लिए सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है। हालांकि, विपक्षी दल इन आरोपों से सहमत नहीं हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

इसी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। खड़गे ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग का कामकाज निष्पक्ष नहीं है। ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग स्वीकार नहीं करता।

चुनाव आयोग ने दी सफाई

विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि किसी प्रक्रिया के मसौदे पर सवाल या सुझाव देना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे अंतिम निर्णय के खिलाफ असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इस मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा और उसके नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। मतदाता सूची और SIR को लेकर जारी यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।

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