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NTA में नेतृत्व संकट, प्रदीप जोशी का कार्यकाल समाप्त; नए चेयरमैन की तलाश तेज

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में नेतृत्व को लेकर बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। एजेंसी के चेयरमैन प्रो. प्रदीप कुमार जोशी का तीन वर्ष का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त हो गया है। इसके बाद अब नए चेयरमैन की नियुक्ति की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल NTA की आधिकारिक गवर्निंग बॉडी में चेयरमैन का पद रिक्त बताया गया है।

प्रो. प्रदीप जोशी ने अगस्त 2023 में NTA चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। NTA चेयरमैन के पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष का निर्धारित था।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार की चुनौती

NTA में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हो रहा है, जब एजेंसी परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधार कर रही है। हाल की परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और सवालों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रक्रियाओं की सुरक्षा बढ़ाने, गोपनीय संचालन व्यवस्था को मजबूत करने और पूरी परीक्षा प्रणाली का ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए थे। मंत्रालय के अनुसार, NTA में 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया जा चुका है और विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।

नए चेयरमैन के सामने बड़ी जिम्मेदारी

NTA देश की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षाओं का आयोजन करती है। ऐसे में नए चेयरमैन के सामने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बहाल करना बड़ी चुनौती होगी। एजेंसी को प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा संचालन और परिणाम जारी करने तक पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर देना होगा।

शिक्षा मंत्रालय आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की भी लगातार समीक्षा कर रहा है।

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