नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े आतंकी साजिश मामले में हुजैर फरहान बेग उर्फ हुजैर को दोषी करार देते हुए छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 58 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में सक्रिय एक कथित ISIS मॉड्यूल से जुड़ा है। कर्नाटक पुलिस ने 19 सितंबर 2022 को मामला दर्ज किया था। बाद में 15 नवंबर 2022 को NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। जांच के दौरान एजेंसी ने शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली में गुप्त रूप से संचालित मॉड्यूल का पता लगाने का दावा किया।
ऑनलाइन हैंडलर से जुड़ने का आरोप
NIA के अनुसार, इस मॉड्यूल से जुड़े लोगों को ऑनलाइन हैंडलर ‘कर्नल’ के जरिए दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जांच एजेंसी ने उसकी पहचान मोहम्मद शाहिद फैसल के रूप में की है, जो कई आतंकी मामलों में वांछित और फरार बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ISIS की विचारधारा के प्रचार तथा भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने में शामिल था।
NIA ने आरोप लगाया कि हुजैर फरहान बेग को सह-आरोपित माज मुनीर अहमद और सैयद यासीन ने कट्टरपंथी बनाया और संगठन से जोड़ा। एजेंसी के मुताबिक, माज के निर्देश पर बेग ने बेंगलुरु में आतंकी गतिविधियों के लिए एक ठिकाने की व्यवस्था की थी। इस ठिकाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धन उपलब्ध कराया गया, जिसे बाद में सामान्य मुद्रा में बदलकर भुगतान किया गया।
NIA के अनुसार, इस मामले में अब तक 12 आरोपितों के खिलाफ चार आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें तीन आरोपितों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई जा चुकी है। फरार बताए जा रहे मोहम्मद शाहिद फैसल की तलाश जारी है।





