नई दिल्ली। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने मंगलवार को अपनी विशेष आम सभा की बैठक में संविधान में किए गए कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी। ये संशोधन राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (NSGA) 2025 के अनुरूप किए गए हैं। बदलावों का उद्देश्य IOA की कार्यप्रणाली को नए खेल प्रशासन कानून के अनुरूप बनाना है।
संशोधनों के बाद IOA के प्रमुख पदाधिकारियों के कार्यकाल से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कोई व्यक्ति लगातार तीन कार्यकाल तक रह सकता है। इसके लिए दो कार्यकाल के बाद अनिवार्य ‘कूलिंग ऑफ’ अवधि की जरूरत नहीं होगी। इससे पदाधिकारियों के लिए लंबे समय तक जिम्मेदारी संभालने का रास्ता साफ हुआ है।
उम्र सीमा को लेकर बदलाव
पुराने IOA संविधान में 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके व्यक्ति को चुनाव लड़ने या किसी पद के लिए नामांकन पाने की अनुमति नहीं थी। NSGA में 70 से 75 वर्ष की आयु के लोगों को कुछ शर्तों के तहत चुनाव लड़ने या नामांकन पाने की अनुमति का प्रावधान है। हालांकि, IOA के संशोधित संविधान में उम्र से जुड़े प्रावधानों को लेकर अलग व्यवस्था भी सामने आई है।
कार्यकारिणी की संख्या में बदलाव नहीं
बैठक में कार्यकारिणी परिषद की संख्या को लेकर प्रस्तावित बदलाव को मंजूरी नहीं दी गई। IOA की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार कार्यकारिणी में 15 सदस्य होंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य को अलग से शामिल किया जाता है। इस मुद्दे पर IOA ने अपने पुराने प्रावधान को ही बनाए रखने का फैसला किया।
IOA कार्यकारिणी सदस्य रोहित राजपाल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने संशोधनों को देखा है और उसे इन बदलावों पर मूल रूप से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि अब IOA का संविधान NSGA के अनुरूप हो गया है।
दिसंबर में हो सकता है IOA का चुनाव
IOA के मौजूदा अध्यक्ष पीटी उषा के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी का चार वर्ष का कार्यकाल दिसंबर में पूरा होगा। नए पदाधिकारियों के चुनाव से पहले एथलीट्स कमीशन का पुनर्गठन और ‘स्पोर्ट्सपर्सन्स ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट’ का चयन किया जाएगा। इसके बाद IOA के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





