इंफाल। मणिपुर में लगातार जारी जातीय तनाव और हिंसा के बीच शांति बहाली की मांग को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार को राज्य के उखरुल जिले में सैकड़ों लोगों ने विशाल रैली निकालकर हिंसा समाप्त करने और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
उखरुल जिला मुख्यालय में आयोजित इस जन रैली का नेतृत्व तांगखुल नगा लोंग (टीएनएल) ने अन्य तांगखुल संगठनों के साथ मिलकर किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में जारी हिंसा पर रोक लगाने, कुकी उग्रवादी संगठनों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को रद करने और मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाने की मांग की।
असम राइफल्स को हटाने की भी मांग
रैली में शामिल लोगों ने नगा बहुल इलाकों से असम राइफल्स को हटाने और राज्य में कथित छद्म युद्ध समाप्त करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कुकी उग्रवादी संगठनों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से राजनीतिक संकट का स्थायी समाधान निकालने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
कामजोंग जिले में भी निकाली गई रैली
उखरुल के अलावा पड़ोसी कामजोंग जिले में भी इसी तरह का प्रदर्शन आयोजित किया गया। इन रैलियों में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2026 से कुकी और नगा समुदायों के बीच तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। तमेंगलॉन्ग, नोनी, कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में हुई घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई घरों को आग के हवाले किया गया है।
इससे पहले मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा में भी 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लगातार जारी तनाव के कारण राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।





