नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का सड़क पर प्रदर्शन करने का तरीका मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए अराजकता का सहारा लेने जैसा है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। उनके अनुसार, निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए बैठक का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विपक्षी नेताओं ने इसमें सहमति नहीं जताई।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता संवैधानिक प्रक्रिया के बजाय विशेष राजनीतिक अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत के मुख्य न्यायाधीश और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को संसद में बुलाने की व्यवस्था नहीं है।
महिला पुलिसकर्मी से धक्का देने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने राहुल गांधी पर एक महिला पुलिसकर्मी को धक्का देने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर घटना से संबंधित वीडियो साझा किया और राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
भाजपा का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल से एक महिला प्रदर्शनकारी को हटाने की कोशिश कर रही थी, तभी राहुल गांधी ने उसे पीछे करने का प्रयास किया। इस आरोप पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
चुनाव आयोग को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं के साथ संवाद और निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में निर्वाचन आयोग और विपक्ष के बीच यह विवाद और चर्चा का विषय बन सकता है।





