सरकार से बातचीत विफल होने के बाद निकला लंबा मार्च, राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने इस्लामाबाद की ओर लंबा मार्च शुरू कर दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के हजारों कार्यकर्ता खैबर पख्तूनख्वा से राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार और पीटीआई के बीच प्रदर्शन रोकने को लेकर हुई बातचीत विफल होने के बाद यह मार्च शुरू हुआ है।
मार्च की शुरुआत खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत इलाके से हुई। पीटीआई के अनुसार, प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी बसों, ट्रकों और कारों के काफिले के साथ इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में कई स्थानों पर रुकने की योजना बनाई गई है।
इमरान खान की रिहाई मुख्य मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग जेल में बंद इमरान खान की रिहाई है। पीटीआई नेता यह भी मांग कर रहे हैं कि इमरान खान को अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाए और उनके निजी डॉक्टरों तथा परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति मिले। इमरान खान 2023 से जेल में हैं।
बातचीत रही बेनतीजा
मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार और पीटीआई नेताओं के बीच बातचीत के दो दौर हुए, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पीटीआई ने अपना आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से मार्च रोकने की अपील की थी, लेकिन बातचीत विफल होने के बाद काफिला राजधानी की ओर रवाना हो गया।
इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी
प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए पाकिस्तान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख सड़कों और प्रवेश मार्गों पर शिपिंग कंटेनर रखकर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई है। सरकार ने संकेत दिया है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी के संवेदनशील इलाकों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इमरान खान के समर्थकों के पिछले प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में इस मार्च के कारण पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।




