Top 5 This Week

Related Posts

रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की प्रतिमाएं लगाने में देरी पर उठे सवाल, अब तक नहीं बनी ठोस योजना

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की स्मृति में प्रस्तावित प्रतिमाओं को स्थापित करने में हो रही देरी पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों की ओर से लंबे समय से प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की जाती रही है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है।

रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है। 2 अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को रामपुर तिराहा के पास रोका गया था। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में कई आंदोलनकारी मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।

शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए प्रतिमाएं लगाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए स्थान और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा भी हुई, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ने में लगातार देरी होती रही। इसे लेकर राज्य आंदोलनकारियों में नाराजगी है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले शहीदों की स्मृति को सम्मान देना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा के बावजूद काम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।

मामले में अब संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई और स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग उठ रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि शहीदों की स्मृति में बनने वाले स्मारक और प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाएंगी।

नोट: आपके दिए Amar Ujala लिंक की ताजा सामग्री वेब सर्च में उपलब्ध नहीं हो सकी, इसलिए ऊपर की खबर में मैंने उपलब्ध शीर्षक/विषय और ज्ञात ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर लेख तैयार किया है। लिंक की पूरी सामग्री उपलब्ध होने पर मैं उसे ठीक उसी खबर के तथ्यों के अनुसार भी लिख सकता हूँ।

Popular Articles