कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मांगा 10 दिन का समय; 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को हजारों ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच विशाल रैली निकाली। वन अधिकार संगठन के नेतृत्व में जड़ सेक्टर स्कूल से लालकुआं तहसील तक निकली रैली में ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की।
रैली से पहले जनता इंटर कॉलेज पर जनसभा हुई। वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि राजस्व गांव से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेज पूरे किए जा चुके हैं। ग्रामीण अब किसी आश्वासन के बजाय राजस्व गांव की अधिसूचना चाहते हैं।
आंदोलन स्थल पहुंचे कैबिनेट मंत्री
आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने सरकार की ओर से कुछ और समय देने का आग्रह करते हुए कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।
वार्ता के बाद वन अधिकार संगठन ने आंदोलनकारियों से रायशुमारी की और 4 अक्टूबर तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में अधिसूचना जारी नहीं हुई तो 5 अक्टूबर से लालकुआं तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा।
आंदोलन में मुख्य रूप से वन अधिकार संगठन के सचिव भवन भट्ट पर अधिकार समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी वन अधिकार संगठन के नेता भरत नेगी, दीपक जोशी,कैप्टन कैलाश सिंह दानू, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, संध्या डालाकोटी आदि लोग उपस्थित रहे।
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव से दूरभाष पर वार्ता भी की। इस दौरान एडीएम विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।





