आरा (भोजपुर)। ट्रेनों में यात्रियों का सामान छीनकर उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने के आरोपित रोहित तिवारी को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने मंगलवार शाम प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उसे पूछताछ के लिए पटना लेकर आ रही है।
रोहित तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बरिसवन गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस उसकी गतिविधियों की जांच पटना जंक्शन से आरा, बक्सर, डीडीयू और आगे जबलपुर रेलखंड तक कर रही है। आरोप है कि वह ट्रेन में यात्रियों से बातचीत कर उन्हें भरोसे में लेता था और बाद में सामान छीनकर उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था।
तकनीकी सुराग से प्रयागराज पहुंची टीम
हाल के दिनों में दानापुर क्षेत्र में हुई घटनाओं के बाद रेल पुलिस और आरपीएफ ने निगरानी बढ़ाई थी। सोमवार को जगजीवन हाल्ट के बाद ट्रेन में हुई एक घटना के बाद संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी गई। तकनीकी जानकारी और लोकेशन के आधार पर उसके प्रयागराज में होने का पता चला। इसके बाद जीआरपी पटना, जीआरपी दानापुर और आरपीएफ आरा की संयुक्त टीम ने प्रयागराज पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई घटनाओं की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रोहित तिवारी ने किन-किन ट्रेनों और रेलखंडों में यात्रियों को निशाना बनाया। छीने गए सामान और पूर्व में दर्ज रेल अपराधों से उसके संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पटना पहुंचने के बाद जीआरपी और आरपीएफ उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार, बुधवार को दानापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरफ्तारी और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।




